हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हॉलैंड की राजधानी में हाल के दिनों में इज़राइल को हथियार भेजे जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर कुत्ते छोड़ रहे हैं और उन पर हमला करवा रहे हैं।
यह प्रदर्शन गाजा में जारी युद्ध की स्थिति और इज़राइल को हथियारों की आपूर्ति के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर आकर अपनी आवाज़ उठाई थी, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए कुत्तों के जरिए हमला करवाया।
सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने वीडियो साझा करते हुए लिखा:
"यूरोप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रणेता तो है, लेकिन जब नरसंहार के खिलाफ बात करो तो सब नकाब उतर जाते हैं।"
इस उपयोगकर्ता ने यह भी कहा कि यूरोपीय देश जहाँ एक ओर डेनमार्क, स्वीडन और अन्य देशों में कुरान को जलाने की अनुमति देकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दावा करते हैं, वहीं जब फिलिस्तीनी जनता के पक्ष में आवाज़ उठाई जाए तो हिंसा का सहारा लेते हैं।
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर गहरी प्रतिक्रिया सामने आई है। उपयोगकर्ताओं ने हॉलैंड पुलिस के इस कदम को शर्मनाक और मानवाधिकारों के खिलाफ बताया है। कुछ का कहना है कि यूरोप की दोहरी नैतिकता अब सब पर स्पष्ट हो चुकी है।
ध्यान रहे कि इज़राइल और हमास के बीच जारी युद्ध के बाद से यूरोप के कई शहरों में फिलिस्तीन के पक्ष में और इज़राइल को हथियारों की आपूर्ति के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें पुलिस ने कई बार सख्त कार्रवाइयाँ की हैं। हालाँकि, कुत्तों के जरिए हमला करने का यह मामला विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है।"
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